Thursday, May 13, 2010

गूढार्थ शव्दकोष भाग-१

यहाँ मैं कुछ ऐसे शब्दों का जिक्र कर रहा हूँ, जिन्हें अकसर आपने सुना होगा, पर उनके अर्थ सही सही पता नहीं होते है |
अवस्था चार हैं -जाग्रत(conscious) ,स्वप्न ,तुरीय ,सुषुप्ति |
इनके  विभु ये हैं -जाग्रत का विश्व, स्वप्न का तेजस, सुषुप्ति का प्राज्ञ और तुरीय का ब्रह्म|
अविद्या - प्राणी की  अल्पज्ञता
अंग- वेद  के छः अंग है-
शिक्षा, कल्प, व्याकरण,निरुक्त, छंद और ज्योतिष
वेद को पढने की विधि को शिक्षा कहते है |
कल्प उसे कहते है जिसमे सब कर्मों के करने की रीति लिखी हो|
व्याकरण  उसे कहते हैं जिसमे शब्दों कि शुद्धता का ज्ञान हो|
निरुक्त उसे कहते हैं जिसमे  वेद के कठिन शब्दों का अर्थ निरुक्त सहित लिखा हो |
जिसमे अक्षर -मात्रा वृत्त का ज्ञान हो उसे छंद कहते हैं|
जिसमे भूत ,भविष्य और बर्तमान कल का ज्ञान हो बह ज्योतिष हैं|
आश्रम  चार हैं -ब्रह्मचर्य ,गृहस्थ वानप्रस्थ और सन्यास |
आकार  चार हैं -पिंडज अर्थात जो देह के साथ उत्पन्न होते हैं|जैसे -मनुष्य , पशु आदि | 
 अण्डज जो अण्डे से उत्पन्न होते हैं |जैसे -पक्षी ,साँप ,आदि |
 स्वेदज जो पानी से उत्पन्न होते हैं |जैसे -चीलर ,ढोल आदि |
 उदिभज्ज जो प्रथ्वी को फोड कर उत्पन्न होते हैं |जैसे -पेड ,पौधा , आदि
आभरण बारह हैं -नूपुर ,किंकणी ,हर,चूड़ी ,मुंदरी ,कंकण ,बाजूबंद ,कंठश्री,वेशर ,विरिया ,टीका ,सिरफूल|आदि
उपवेद -

 सामवेद का गंधर्ववेद ,अर्थात संगीत शास्त्र | 
 ऋग्वेद का आयुर्वेद अर्थार्त वैद्यिक  यजुर्वेद, 
  अथर्ववेद का शिल्पबिद्या और वास्तु |
 ऋतु छः हैं -वसंत ,चैत, वैशाख | ग्रीष्म,ज्येष्ठ ,अषाण | वर्षा श्रावण , भाद्रपद |
 शरद ,क्वार ,कार्तिक | हेमंत अगहन ,पूष| शिशिर माघ, फाल्गुन| 
  कल्प- चारो युगों को चौकणी कहते हैं | और हजार  चौकणी का एक कल्प होता है |
 गुण तीन है | सैट ,रज ,तम ,राजा के चार गुण है - साम, दाम ,दण्ड भेद|
चतुरंगिणीसेना के चार अंग है |हाथी,घोड़ा ,रथ,पैदल |
 तत्व पाँच है प्रथ्वी ,जल ,अग्नि, वायु,आकाश |
 त्रिताप तीन प्रकार के दुःख है | आध्यात्मिक ,आदिभौतिक ,आदिदैविक |
 त्रिदेव तीन है, ब्रम्हा,बिष्णु, महेश |
त्रिबिध कर्म संचित ,प्रारब्ध ,क्रियमाण |
 दिग्पाल  पुरब दिशा के इन्द्र,आगन्य के अग्नि,दक्षिण के यम नैऋत्य के निऋत्य,पश्चिम के वरुण,वायव्य के वायु, उत्तर के कुबेर,ईशान के इशान|












2 comments:

  1. rochak tahta gyanwardhak jaankari..
    keep writing..

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  2. please word verification hata dijiye.. tippani dene me taklif hoti hai..

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